शुक्रवार, 30 जनवरी 2009

ई-महाशब्दकोश


राजभाषा विभाग,गृह मंत्रालय,भारत सरकार ने सी-डैक पुणे के तकनीकी सहयोग से ई-महाशब्दकोश का निर्माण किया है। इस योजना के अंतर्गत शुरुआती दौर में प्रशासनिक शब्द संग्रह को देवनागरी यूनिकोड में प्रस्तुत किया गया है। इसमें आप अँग्रेजी का हिंदी पर्याय तथा हिंदी शब्दों का वाक्य में अतिरिक्त प्रयोग देख सकते है। इसकी विशेषता यह भी है कि आप हिंदी शब्दों का उच्चारण भी सुन सकते है। यह एक बहुउपयोगी शब्दकोश है। इसमें आप अन्य शब्द जोड सकते है। इसे अधिक उन्नत करने में आपका सहयोग अपेक्षित है।
इस ई-महाशब्दकोश की मुख्य विशेषताएँ - देवनागरी लिपि के लिए यूनीकोड फॉन्ट ,खोजे गये शब्द का उच्चारण,स्पष्ट लेआउट / जी. यू. आई. प्रयोग में आसान ,तीन अक्षरों पर शब्द सूची,पूर्ण शब्द खोज,द्विआयामी खोज,शब्दों की सूची में से खोजने की सुविधा ,सही मौखिक उच्चारण और संबंधित जानकारी,अर्थ एवं संबंधित जानकारी,शब्द / प्रदबंध का प्रयोग,शब्द / प्रदबंध का सचित्र चित्रण (जहॉं उचित हो) है।
श्रीमती पी.वी. वल्‍सला जी. कुट्टी ,संयुक्‍त सचिव, भारत सरकार ,राजभाषा विभाग,गृह मंत्रालय के अनुसार काफी समय से केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों के कार्य में हिंदी प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रयास किए गए हैं । अनुभव बताता है कि केन्‍द्र सरकार के कार्यालयों और संगठनों में बड़ी संख्‍या में कर्मचारी अपने क्रियाकलापों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने के इच्‍छुक हैं परंतु पर्याप्‍त तकनीकी सुविधाओं के अभाव में हिंदी भाषा का प्रयोग प्रभावशाली ढंग से नहीं कर पाते हैं । सरकार द्वारा हिंदी में सहजता से कार्य करने के लिए प्रभावी साधनों को मुहैया कराने पर विचार किया गया है । हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु इलैक्‍ट्रॉनिक मीडिया के माध्‍यम से आधुनिक तकनीक के समावेश के विचार ने उन लोगों की समस्‍या के समाधान के रूप में जन्‍म लिया जो हिंदी में कार्य करने के इच्‍छुक हैं परंतु पर्याप्‍त सुविधा के अभाव में ऐसा करने से झिझक रहे हैं । सरकारी कार्यालयों में सरल व प्रभावी तरीके से हिंदी में कार्य करने के लिए उपयुक्‍त सॉफ्टवेयरों के विकास हेतु राजभाषा विभाग ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की कंप्‍यूटिंग कंपनी, नामत:, सी-डैक, पुणे के साथ एक समझौता किया है । पिछले कुछ वर्षों में विकसित सॉफ्टवेयरों में हिंदी भाषा का स्‍वयं शिक्षण (लीला-श्रृंखला), मंत्रा श्रृंखला द्वारा चुने गए कार्यक्षेत्रों में अंग्रेजी से हिंदी तुरंत अनुवाद, हिंदी डिक्‍टेशन के लिए श्रुतलेखन सॉफ्टवेयर, अंग्रेजी स्‍पीच की पहचान कर उसे हिंदी में अनुवाद के लिए वाचांतर सॉफ्टवेयर शामिल है । सॉफ्टवेयरों के विकास की इस श्रृंखला में नवीनतम विकास राजभाषा विभाग द्वारा सी-डैक के माध्‍यम से ई-महाशब्दकोश का विकास है, जो कि एक द्विभाषी-द्विआयामी उच्‍चारण शब्दकोश है । प्रौद्योगिकी को हिंदी के प्रयोग से जोड़कर राजभाषा के प्रयोग को बढ़ाने के इरादे से हिंदी प्रेमियों के लिए ई-महाशब्दकोश को प्रस्‍तुत करना मेरे लिए हर्ष और गर्व की बात है । ई-महाशब्दकोश के वर्तमान शुरूआती संस्‍करण में प्रशासनिक कार्यक्षेत्र में प्रयुक्‍त होने वाले शब्‍दों को शामिल किया गया है । मुझे विश्‍वास है कि ई-महाशब्दकोश प्रयोगकर्ताओं में बहुत लोकप्रिय होगा क्‍योंकि यह केन्‍द्र सरकार के कार्यालयों में हिंदी में सामान्‍य कार्य करने में आने वाली अनेक बाधाओं को दूर करने में सहायक होगा । वास्‍तव में यह केवल सीमित अर्थों में एक शब्दकोश ही नहीं वरन् इससे आगे अपनी पहुंच को ले जाते हुए यह शुद्ध उच्‍चारण, विशेष प्रयोगकर्ताओं के लिए विशिष्‍ट अर्थ देना, शब्‍दों और मुहावरों को प्रयोग करने का विवरण आदि सुविधाओं को देने में सहायक है । यह कहने की आवश्‍यकता नहीं है कि यह शब्दकोश मुहावरों को प्रयोग करने में आने वाली दिक्‍कतों को दूर करने तथा उनको ठीक से दिखाने में प्रयोगकर्ता के लिए लाभकारी होगा । ई-महाशब्दकोश उनके लिए बहुत उपयोगी होगा जो वास्‍तव में हिंदी में काम करना चाहते हैं । सी-डैक, पुणे के सहयोग से राजभाषा विभाग द्वारा विकसित कराए गए सॉफ्टवेयरों में यह एक उल्‍लेखनीय उत्‍पाद होगा । ई-महाशब्दकोश की सूची में आगे सुधार के लिए यह आवश्‍यक होगा कि अधिक से अधिक लोग इसका प्रयोग करके अपना अमूल्‍य फीड-बैक राजभाषा विभाग या सी-डैक को भेजें ताकि ई-महाशब्दकोश की सक्षमता और दक्षता को अति उच्‍च स्‍तर तक ले जाया जा सके ।
राजभाषा विभाग के कार्यविधि की अधिक जानकारी के लिए, कृपया इन वैबसाईट पर संपर्क करे. http://rajbhasha.gov.in.
अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें-
• राजभाषा विभाग (डी.ओ.एल),तकनीकी कक्ष, गृह मंत्रालय
दूसरा माला, लोक नायक भवन,खान मार्केट, नई दिल्ली - 110 003
टेली : (o11) 2461 7695 / 2461 9860
फैक्स : (011) 2461 1031 / 2461 7809
ई-मेल : techcell-ol@nic.in
वेबसाईट : http://rajbhasha.nic.in

• प्रगत संगणन विकास केन्द्र (सी-डैक), एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटैलीजेंस ग्रुप,
6वी मंजिल, एन.एस.जी. आय.टी. पार्क,स. नं. - 127/2B/2A, औंध, पुणे - 411 007,महाराष्ट्र (भारत)
टेली : (020) 25503314/15 फैक्स : (020) 25503334
ई-मेल: darbari@cdac.in वेबसाईट : http://cdac.in

7 टिप्‍पणियां:

  1. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  2. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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  3. बहुत सुंदर…आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  4. आपका ब्लॉग देखा बहुत अच्छा लगा.... मेरी कामना है की आपके शब्दों को नए अर्थ, नयी शक्ति और नयी ऊजा के साथ व्यापक संप्रेषण की क्षमता मिले जिससे वे जन-सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम बन सकें...

    कभी मेरे ब्लॉग पर पधारें-

    http://www.hindi-nikash.blogspot.com

    सादर-
    आनंदकृष्ण, जबलपुर

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपका यह ब्लॉग विषयानुसार बहुत उपयोगी है ।

    सुझाव - यह ब्लॉग राजभाषा से सम्बन्धित है, अतः वर्तनी पर थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है । कई स्थलों पर ह्रस्व के स्थान पर दीर्घ और दीर्घ के स्थान पर ह्रस्व का प्रयोग एवं ड़, ढ़ के स्थान पर ड, ढ का प्रयोग खलता है ।
    --- नारायण प्रसाद, पुणे

    उत्तर देंहटाएं
  6. dear friend,
    your blog have a useful material. If you like to read hindi literature please come on my blog. I have books rivew.
    akhilesh shukla
    http;//katha-chakra.blogspot.com

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भावी पीढ़ियों के लिए मूल भाषाओं में प्राण फूंकने की पुकार

हाल के दशकों में पुरखों के ज़माने से चली आ रही सैंकड़ों भाषाएं धीरे धीरे शांत होने लगी हैं. उन्हीं के साथ विलुप्त हो गई है उन्हें बोलने वाले...