मंगलवार, 22 जनवरी 2013

जनसंचार में हिंदी ब्‍लॉगर की भूमिका एवं विस्तार

जनसंचार में हिंदी ब्‍लॉगर की भूमिका एवं विस्तार
हिंदी विकिपिडिया के अनुसार चिट्ठा अथवा ब्लॉग (en:BLOG), वेब लॉग (weblog) शब्द का सूक्ष्म रूप है। चिट्ठे एक प्रकार के व्यक्तिगत जालपृष्ठ (वेबसाइट) होते हैं जिन्हें दैनन्दिनी (डायरी) की तरह लिखा जाता है। हर चिट्ठे में कुछ लेख, फोटो और बाहरी कड़ियां होती हैं। इनके विषय सामान्य भी हो सकते हैं और विशेष भी। चिट्ठा लिखने वाले को चिट्ठाकार तथा इस कार्य को चिट्ठाकारी अथवा चिट्ठाकारिता कहा जाता है।
ब्लॉग के इतिहास में 1994 में जस्टिन हाल ने ऑनलाइन डायरी शुरू की । 1997 में जॉन बर्जर ने वेबलॉग शब्द गढ़ा ।1999 के शुरू में पीटर महरेल्ज ने वेबलॉग को अपने निजी साइट पर वी ब्लॉग नाम दिया. बाद में वी हटा दिया – और सिर्फ ब्लॉग रह गया । 1999 अगस्त में पियारा लैब्स के इवान विलियम्स और मैग होरिहान ने ब्लॉगर नाम से मुफ़्त ब्लॉगर सेवा प्रारंभ किया जिसे बाद में गूगल ने खरीद लिया ।
हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास
• विनय जैन ने अपने अंग्रेजी ब्लॉग – “हिन्दी” पर हिन्दी में पहली प्रविष्टि 19 अक्तूबर 2002 में लिखी जिसमें हिंदी में एक कड़ी थी. http://hindi.blogspot.com/2002/10/blog-post.html
• आलोक ने हिन्दी का पहला ब्लॉग 21 अप्रैल 2003 को “नौ दो ग्यारह” बनाया. रोमन में लिखने की उस वक्त की समस्या के चलते आलोक ने हिन्दी में यूआरएल का नाम रखा – अंकों में नौदोग्यारह : 9211! http://9211.blogspot.com/2003_04_01_archive.html
हिंदी के वरिष्ठ चिट्ठाकार तथा तकनीकी विषयों के विद्वान रवि श्रीवास्तव जी के अनुसार ब्लॉग प्राय: व्यक्तिगत उपयोग हेतु हर एक को मुफ़्त में उपलब्ध है। ब्लॉग के द्वारा आप किसी भी विषय में, विश्व की किसी भी (समर्थित) भाषा में अपने विचार प्रकट कर सकते हैं, जो जालघर में लोगों के पढ़ने हेतु हमेशा उपलब्ध रहेगा। उदाहरण के लिए, यदि आप कहानियाँ लिखते हैं, तो एक ब्लॉग कहानियों का प्रारंभ करिए, उसमें अपनी कहानियाँ नियमित प्रकाशित करिए, बिना किसी झंझट के, बिना किसी संपादकीय सहमति या उसकी कैंची के और अगर लोगों को आपकी कहानियों में कुछ तत्व और पठनीयता नज़र आएगी, तो वे आपकी ब्लॉग साइट के मुरीद हो जाएँगे और हो सकता है कि आपके ब्लॉग को एंड्रयू सुलिवान के ब्लॉग से भी ज़्यादा पाठक मिल जाएँ।
आपके ब्लॉग पर पाठकों की त्वरित टिप्पणियाँ भी मिलती है जो आपके ब्लॉग की धार को और भी पैना करने में सहायक हो सकती है। ब्लॉग का उपयोग कंपनियाँ अपनी उत्पादकता बढ़ाने, नए विचारों तथा नए आइड़ियाज़ प्राप्त करने में भी कर रही हैं, जहाँ कर्मचारी अपने विचारों का आदान-प्रदान बिना किसी झिझक के साथ कर सकते हैं।
हिंदी कंप्यूटर के विद्वान तथा विश्व हिंदी सम्मेलन के जालस्थल का निर्माण करनेवाले बालेन्दु शर्मा दाधीच के अनुसार ब्लॉगिंग एक ऐसा माध्यम जिसमें लेखक ही संपादक है और वही प्रकाशक भी। ऐसा माध्यम जो भौगोलिक सीमाओं से पूरी तरह मुक्त, और राजनैतिक-सामाजिक नियंत्रण से लगभग स्वतंत्र है। त्वरित अभिव्यक्ति, त्वरित प्रसारण, त्वरित प्रतिक्रिया और विश्वव्यापी प्रसार के चलते ब्लॉगिंग अद्वितीय रूप से लोकप्रिय हो गई है।
वरिष्ठ ब्लॉगर अनूप शुक्ला (फुरसतिया) कहते हैं- "अभिव्यक्ति की बेचैनी ब्लॉगिंग का प्राण तत्व है और तात्कालिकता इसकी मूल प्रवृत्ति है। विचारों की सहज अभिव्यक्ति ही ब्लॉग की ताकत है, यही इसकी कमजोरी भी। यही इसकी सामर्थ्य है, यही इसकी सीमा भी। सहजता जहां खत्म हुई वहां फिर अभिव्यक्ति ब्लॉगिंग से दूर होती जाएगी।"
हिंदी चिट्ठाकार संजय बेंगाणी के अनुसार ब्लॉग को आप अपनी ऑन लाइन डायरी कह सकते है। आपके आसपास की कोई घटना हो या गतिविधि, या कोई दिल को छूने वाली कोई बात, आप अपनी बात किसी कविता के माध्यम से कहना चाहते हों या किसी भी समसामयिक विषय पर अपनी टिप्पणी लिखना चाहते हों, इसके लिए आपको अब अखबारों के संपादक या प्रकाशक की मेहरबानी की ज़रुरत नहीं। आज के दौर में अपनी बात को अपरिचितों से लेकर हजारों-लाखों अनजान लोगों तक पहुँचाने का सस्ता, सुलभ और असरकारी साधन है, आपका चिट्ठा यानी ब्लॉग। समाचारपत्र या पत्रिकाओं में प्रकाशित आपकी बात को कहने को तो बहुत लोग पढ़ते हैं मगर ये पढ़ने वाले वो लोग होते हैं जनको न तो आपसे और न आपके लिखे हुए से कोई लेना-देना होता है, और अगर कोई पाठक आपसे जुड़ना चाहे तो वह आपसे संपर्क भी नहीं कर सकता है। जबकि ब्लॉग पर लिखी गई आपकी बात हमेशा हर समय मौजूद रहती है इसके माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में बैठा कोई भी व्यक्ति आपसे तत्काल संपर्क कर सकता है। अगर आपकी बात किसी को पसंद आ जाए तो आपको उस विषय पर लिखने के लिए प्रस्ताव भी मिल सकता है और आप घर बैठे अपने लिखने का शौक पूरा करते हुए खूब पैसा कमा सकते है। यानी ब्लॉग पर लिखना, लिखने का शौक ही पूरा नहीं करता बल्कि आपके शौक के बदले में कमाई का जरिया भी बन सकता है।


हिंदी ब्लॉगिंग के प्रमुख हस्ताक्षरों में जीतेन्द्र चौधरी, अनूप शुक्ला, आलोक कुमार (जिन्होंने पहला हिंदी ब्लॉग लिखा और उसके लिए 'चिट्ठा' शब्द का प्रयोग किया), देवाशीष, रवि रतलामी, पंकज बेंगानी, समीर लाल, रमण कौल, मैथिलीजी, जगदीश भाटिया, मसिजीवी, पंकज नरूला, प्रत्यक्षा, अविनाश, अनुनाद सिंह, शशि सिंह, सृजन शिल्पी, ई-स्वामी, सुनील दीपक, संजय बेंगानी आदि के नाम लिए जा सकते हैं। जयप्रकाश मानस, नीरज दीवान, श्रीश बेंजवाल शर्मा, अनूप भार्गव, शास्त्री जेसी फिलिप, हरिराम, आलोक पुराणिक, ज्ञानदत्त पांडे, रवीश कुमार, अभय तिवारी, नीलिमा, अनामदास, काकेश, अतुल अरोड़ा, घुघुती बासुती, संजय तिवारी, सुरेश चिपलूनकर, तरुण जोशी, अफलातून , दीपक भारतवासी जैसे अन्य उत्साही लोग भी ब्लॉग जगत पर पूरी गंभीरता और नियम के साथ सक्रिय हैं और इंटरनेट पर हिंदी विषय वस्तु को समृद्ध बनाने में लगे हैं।
आपको अब किसी संपादक की मेहरबानी पर रुकने की जरुरत नहीं है । आपको कंप्यूटर की प्राथमिक जानकारी है और आप इंटरनेट पर विहार करना जानते हो तो आप अपना ब्लॉग आसानी से लिख सकते हो। अगर आपके पास गुगल का जीमेल खाता है तो आप गुगल द्वारा प्रदत्त ब्‍लॉगस्पॉट पर अपना ब्लॉग मुफ्त तैयार करके प्रकाशित कर सकते है। इसका पता है www.blogspot.com इसके अलावा वर्डप्रेस,बिगअड्डा,वेबदुनिया तथा अनेक समाचार पत्रों के जालस्थल आदि जालतंत्र में आप अपना ब्लॉग प्रकाशित करने की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है। यह ध्यान रखे कि ब्लॉग पर असामाजिक, किसी धर्म की अवहेलना, व्यक्ती निंदा,अश्लील साहित्य आदि से बचे ताकि भविष्य में आपका खाता सेवादाता से बंद किया जा सकता है तथा देश के कानुन के अनुसार आप पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
हिन्दी चिट्ठाकोरों की संख्या अब हज़ारों की संख्या में हैं और अनेकानेक लोग हर रोज़ इस विधा में लेखन शुरु कर रहे हैं। फिलहाल जाल पर समस्त चिट्ठाकारों की कोई प्रामाणिक व समग्र सूची उपलब्ध नहीं है परंतु चिट्ठा जगत और हिन्दी ब्लॉग निर्देशिका जैसे जालस्थलों पर आंशिक सूची देखी जा सकती है। ब्लॉगों की दुनिया पर केंद्रित कंपनी 'टेक्नोरैटी' की ताजा रिपोर्ट (जुलाई २००७) के अनुसार ९.३८ करोड़ ब्लॉगों का ब्यौरा तो उसी के पास उपलब्ध है। ऐसे ब्लॉगों की संख्या भी अच्छी खासी है जो 'टेक्नोरैटी' में पंजीकृत नहीं हैं। समूचे ब्लॉगमंडल का आकार हर छह महीने में दोगुना हो जाता है। हिंदी ब्लॉग में ११५६ चिट्ठे शामिल किए गए है।
ब्लॉग एग्रीगेटर
हिंदी में उपलब्ध ब्लॉग को संग्रहित करना तथा अनेक प्रकार के ब्लॉग को तकनीक,साहित्य,राजनीति,व्यापार,मनोरंजन आदि विधा के श्रेणी में प्रतिदिन प्रकाशित करने का कार्य ब्लॉग एग्रीगेटर करता है। मान लिजिए ब्लॉग एग्रीगेटर एक सराय है जिसमें प्रतिदिन अनेक चिट्ठाकार अपनी उपस्थिति दर्ज करते है। इसमें कुछ महत्वपूर्ण ब्लॉग एग्रीगेटर निम्नलिखित है।
• चिट्ठा विश्व - हिन्दी का पहला ब्लॉग एग्रीगेटर
• नारद -
• हिन्दीब्लॉग्स.कॉम
• चिट्ठाजगत.इन
• ब्लॉगवाणी
• हिन्दी चिट्ठे एवं पॉडकास्ट
• टेक्नोराती फेवरिट्स - इंडीब्लॉगर
• याहू पर हिन्दी चिट्ठे (नारद की फीड से दिखाये जाते हैं)
• इंडीयास्फीयर हिन्दी खंड
• हिन्दी ब्लॉग्स
3. चर्चा समूह वाले ब्लॉग एग्रीगेटर
• चिट्ठाचर्चा
• गूगल चर्चा समूह
• ग्लोबल वॉइसिज ऑनलाइन.ऑर्ग पर हिन्दी चिट्ठों की पाक्षिक चर्चा होती है।
• देसीपंडित पर हिन्दी श्रेणी
4. चिट्ठा खोजी
• चिट्ठा खोजी गूगल का कस्टमाईज़्ड सर्च इंजन, जो नारद, चिट्ठा चर्चा, तरकश, हिन्दीब्लॉग्स और निरंतर आदि पर खोज करता है।
• याहू पाइप्स पर निर्मित एक चिट्ठा खोजी
• नचिकेत : एक कस्टमाईज़्ड गूगल खोज इंजन जो हिन्दी के जाल-स्थलों एवं चिट्ठों में छपी सामग्री की खोज करता है।
5. सूची व निर्देशिकायें
• हिन्दी ब्लॉग्स, हिन्दी चिट्ठों की निर्देशिका
• डीमॉज पर हिन्दी चिट्ठों की निर्देशिका
• इंडिया काउंट्स
• IndiaSphere.net - Hindi Blogs
• टैक्नोराती पर हिन्दी चिट्ठे
• देसी ब्लॉग्स
• ब्लॉगस्ट्रीट पर हिन्दी चिट्ठों की निर्देशिका
• Oneindia- Blogs पर भारतीय भाषा के ब्लॉग
• India Blogs v1.0 - चुनिंदा हिन्दी चिट्ठे
• भारतीय चिट्ठों की सूची
• ब्लॉगअड्डा - एक और भारतीय ब्लॉग डायरैक्ट्री
• http://www.listible.com/list/hindi-bloggers
• हिन्दी ब्लॉग्स स्क्विडो पर तैयार एक लैंस
• हिन्दी लैंग्वेज ब्लॉग्स
• कामत पोर्टल पर हिन्दी ब्लॉग्स
• इण्डीब्लॉगर.इन



हिन्दी ब्लॉग लेखन का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है। पहले पहल ज्ञात हिन्दी ब्लॉग आलोक व विनय द्वारा लिखे गये थे। तब से लेकर अब तक एक लम्बा सफर तय हो चुका है। आज हजारों हिन्दी ब्लॉगर सक्रिय है। तकनीकी समस्याएं भी अब काफी हद तक दूर हो गई है। यूनिकोड ने पहले ही हिन्दी की राह आसान बना दी थी, मगर शुरुआती दौर में हिन्दी लिखने के औजारों से लेकर अनेक समस्याएं थी, जिन्हे हिन्दी को नेट पर एक सम्मानित स्थान दिलाने को कृतसंकल्प तकनीक से सुसज्ज लोगो ने रात दिन एक कर सुलझाया और आज भी 24 घंटे सहायता के लिए उपलब्ध रहते है।
ब्लॉग कहाँ लिखे जाते है?

ब्लॉग लेखन के लिए वर्डप्रेस, ब्लॉगर, लाइव जनरल जैसे स्थल मुफ्त सेवा प्रदान करते है। इसके अलावा निजी डोमेन पर भी ब्लॉग लिखे जा रहे है। अब हिन्दी मीडिया ने भी ब्लॉग लेखन की सुविधा प्रदान की है। इसके लिए आपको हिन्दी मीडिया की साइट पर लॉग इन (सत्रारम्भ) करना होगा, फिर "ब्लॉग लिखें" लिंक (कड़ी) पर जा कर आप अपना ब्लॉग लिखना शुरु कर सकते हैं।

जानें ब्लॉग की भाषा

ब्लॉग लेखन की शुरूआत अंग्रेजी में हुई वहीं नेट पर भी अंग्रेजी का अधिपत्य है, ऐसे में ब्लॉग लिखने से संबंधित अधिकांश शब्द अंग्रेजी के ही है, लेकिन ये तकनीकी शब्द हैं और आसानी से समझ में आने वाले हैं। वहीं किसी चीज के लिए पहले से ही उपलब्ध हिन्दी के शब्दों का प्रयोग करने से भी न बचे, क्योंकि हिन्दी का अपना सौन्दर्य है, शैली है। एक ब्लॉगर के रूप में अपने ब्लॉग को आम बोलचाल की सीधी-साधी भाषा में लिखें और तकनीकी शब्दों को बजाय हिन्दी का कोई भौंडा अनुवाद लिखने के उनको मूल अंग्रेजी में ही लिखें।

(संदर्भ – हिंदी विकिपिडिया, हिंदी के वरिष्ठ ब्लॉगर रवि श्रीवास्तव (रविरतलामी ) तथा बालेन्दु शर्मा दाधीच )